Description
4 मुखी रुद्राक्ष (चार मुख वाला रुद्राक्ष) को पहनने का विशेष महत्व है, खासकर आध्यात्मिक, मानसिक और बौद्धिक लाभों के लिए। इसे पहनने के पीछे मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:
🔷 मुख्य कारण (Why it is worn):
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बुद्धि और ज्ञान में वृद्धि:
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4 मुखी रुद्राक्ष को ब्रह्मा जी का प्रतीक माना जाता है, जो सृजन के देवता और ज्ञान के स्रोत हैं।
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यह पहनने वाले की स्मरण शक्ति, सोचने की क्षमता और समझ में सुधार लाता है।
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बोलचाल और अभिव्यक्ति में सुधार:
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यह रुद्राक्ष गले के चक्र (Throat Chakra) को संतुलित करता है, जिससे बोलने में स्पष्टता और आत्मविश्वास आता है।
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वक्ताओं, शिक्षकों, छात्रों और लेखकों के लिए विशेष रूप से उपयोगी होता है।
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मन की एकाग्रता बढ़ाता है:
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मानसिक तनाव, भ्रम और अनिर्णय की स्थिति को कम करता है।
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ध्यान (Meditation) और साधना में सहायक होता है।
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आध्यात्मिक विकास:
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यह wearer को आत्म-ज्ञान और आध्यात्मिक मार्ग पर आगे बढ़ने में मदद करता है।
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नकारात्मक ऊर्जा से सुरक्षा:
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इसे पहनने से व्यक्ति नकारात्मक विचारों, ईर्ष्या और मानसिक असंतुलन से बचा रहता है।
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🕉️ किसे पहनना चाहिए:
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विद्यार्थी
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शिक्षक
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लेखक
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सार्वजनिक वक्ता (Public speaker)
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वे लोग जो मानसिक तनाव या भ्रम की स्थिति में रहते हैं
📿 पहनने का तरीका (विधि):
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दिन: बुधवार को सुबह स्नान करके
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मंत्र: “ॐ ह्रीं नमः” – इस मंत्र का 108 बार जाप करें
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रुद्राक्ष को गाय के दूध, शुद्ध जल, शहद और तुलसी से शुद्ध करें।
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धारण करते समय भगवान शिव का ध्यान करें।
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